RSSB New Exam Rules 2026 राजस्थान में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने परीक्षा के मूल्यांकन और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए अपनी चयन प्रक्रिया में दूरगामी परिवर्तन किए हैं। 25 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक सूचना के माध्यम से बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अब ओएमआर शीट (OMR Sheet) की जांच और नकारात्मक अंकन (Negative Marking) के मानदंडों को पूरी तरह अपडेट कर दिया गया है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं को अधिक निष्पक्ष और त्रुटिहीन बनाना है।

1. सेक्शन-वाइज वेटेज का अंत: अब पूरा पेपर होगा एक यूनिट
पुराने नियमों के तहत, परीक्षा प्रश्नपत्रों को अक्सर अलग-अलग खंडों (Sections) में विभाजित किया जाता था, और हर खंड के लिए अलग से अंकों का निर्धारण होता था। नए नियमों के अनुसार, अब प्रश्नपत्र को खंडों में न बांटकर एक ‘सिंगल यूनिट’ (एकल इकाई) माना जाएगा।
इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
पहले अभ्यर्थी अपनी पसंद के विषयों (जैसे राजस्थान जीके या गणित) पर अधिक ध्यान देकर अन्य विषयों को छोड़ देते थे। लेकिन अब पूरे पेपर का मूल्यांकन एक साथ होने से उम्मीदवारों को सभी विषयों में संतुलन बनाना होगा। यह बदलाव परीक्षा के बोझ को कम करने और मूल्यांकन की जटिलता को समाप्त करने के लिए किया गया है।
2. नेगेटिव मार्किंग के कड़े प्रावधान
बोर्ड ने नकारात्मक अंकन की प्रक्रिया को और अधिक स्पष्ट किया है। अब गलत उत्तर देने पर 1/3 (एक तिहाई) अंक काटे जाने का प्रावधान सख्ती से लागू होगा।
- सटीकता का महत्व: तुक्का लगाने वाले अभ्यर्थियों के लिए अब सफल होना कठिन होगा। बोर्ड का मानना है कि इससे केवल वही अभ्यर्थी आगे आएंगे जिनके पास वास्तविक ज्ञान और विषय पर पकड़ है।
- रणनीति में बदलाव: छात्रों को अब केवल उन्हीं प्रश्नों को छूना चाहिए जिनमें वे शत-प्रतिशत आश्वस्त हों, क्योंकि एक गलत उत्तर उनकी मेरिट लिस्ट में रैंक को काफी पीछे धकेल सकता है।
3. भविष्य और लंबित परीक्षाओं पर प्रभाव
यह नियम न केवल 2026 में होने वाली नई भर्तियों पर लागू होगा, बल्कि उन परीक्षाओं पर भी प्रभावी होगा जिनके परिणाम अभी तक बोर्ड द्वारा घोषित नहीं किए गए हैं। इसका अर्थ यह है कि प्रक्रियाधीन भर्तियों के अंतिम परिणाम अब इसी संशोधित प्रणाली के आधार पर तैयार किए जाएंगे।
पहले अभ्यर्थी अपनी पसंद के विषयों (जैसे राजस्थान जीके या गणित) पर अधिक ध्यान देकर अन्य विषयों को छोड़ देते थे। लेकिन अब पूरे पेपर का मूल्यांकन एक साथ होने से उम्मीदवारों को सभी विषयों में संतुलन बनाना होगा। यह बदलाव परीक्षा के बोझ को कम करने और मूल्यांकन की जटिलता को समाप्त करने के लिए किया गया है।
4. पारदर्शिता और निष्पक्षता की ओर बढ़ते कदम
RSSB के इस निर्णय को राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं में शुचिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मूल्यांकन के समान मानक लागू होने से मानवीय हस्तक्षेप की संभावना कम होगी और परिणाम अधिक सटीक होंगे। बोर्ड अब ओएमआर शीट के मूल्यांकन के लिए उन्नत तकनीकी सॉफ़्टवेयर का उपयोग करेगा ताकि डेटा में किसी भी प्रकार की हेराफेरी न हो सके।
RSSB New Exam Rules 2026
RSSB का यह नया नियम स्पष्ट संदेश देता है कि “गुणवत्ता ही एकमात्र पैमाना है।” उम्मीदवारों को अब अपनी तैयारी की रणनीति को बदलना होगा।
- संपूर्ण सिलेबस पढ़ें: किसी एक टॉपिक पर निर्भर न रहें, क्योंकि पूरा पेपर अब एक इकाई है।
- मॉक टेस्ट का अभ्यास: अधिक से अधिक अभ्यास करें ताकि नेगेटिव मार्किंग से बचा जा सके।
- आधिकारिक अपडेट: बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट (rssb.rajasthan.gov.in) पर समय-समय पर विजिट करते रहें ताकि किसी भी भ्रम से बचा जा सके।
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