Rajasthan Panchayat Elections 2026 राजस्थान में एक बार फिर त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में ‘छोटी सरकार’ यानी पंचायती राज संस्थाओं के गठन के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। चुनावी दिशा-निर्देशों, मतदाता सूचियों के नवीनीकरण से लेकर मतदान केंद्रों के भौतिक सत्यापन तक का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इस बार के चुनावों में कई ऐतिहासिक बदलाव और कानूनी पेच देखने को मिल रहे हैं, जो इसे पिछले वर्षों के चुनावों से काफी अलग और दिलचस्प बनाते हैं।

Rajasthan Panchayat Elections 2026
Rajasthan Panchayat Elections 2026 राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर इस समय काफी राजनीतिक और कानूनी घमासान चल रहा है। राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग के कार्यकाल को छह महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। इस सेवा विस्तार के बाद अब यह स्पष्ट माना जा रहा है कि जमीनी स्तर पर चुनावों का आयोजन कुछ समय के लिए टल सकता है। सरकार का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट के ‘ट्रिपल टेस्ट’ (Triple Test) नियमों के तहत ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह से तय करने के बाद ही चुनाव कराए जाएंगे, ताकि भविष्य में कोई कानूनी बाधा न आए। वहीं विपक्षी दल इस देरी को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं और इसे टालमटोल की राजनीति बता रहे हैं।
इस बार ईवीएम नहीं, ‘हाइब्रिड मॉडल’ से होगा मतदान
Rajasthan Panchayat Elections 2026 साल 2026 के पंचायत चुनावों का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला तकनीकी बदलाव इसकी मतदान प्रक्रिया में देखने को मिलेगा। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार, इस बार प्रदेश में पूर्ण रूप से ईवीएम (EVM) का इस्तेमाल नहीं होगा, बल्कि एक ‘हाइब्रिड मॉडल’ (Hybrid Model) अपनाया जाएगा:
- पंच और सरपंच पद: इन दोनों स्थानीय पदों के लिए मतदाताओं को पुरानी और पारंपरिक पद्धति यानी बैलेट पेपर (मतपत्र) और बैलेट बॉक्स (मतपेटी) के जरिए अपना वोट डालना होगा।
- जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य: इन बड़े पदों के लिए पहले की तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का ही प्रयोग किया जाएगा।
Rajasthan Panchayat Elections 2026 यह निर्णय पिछले एक दशक से चली आ रही पूरी ईवीएम व्यवस्था को बदल देगा, क्योंकि पिछले तीन चुनावों से राजस्थान में चारों पदों के लिए केवल ईवीएम का ही उपयोग किया जा रहा था। इस बदलाव के मद्देनजर प्रशासन ने मतपेटियों की मरम्मत और नए मतपत्रों की छपाई की योजना तैयार कर ली है।
निर्वाचन आयोग की प्रारंभिक तैयारियां
Rajasthan Panchayat Elections 2026 चुनावों की घोषणा से पहले जमीनी स्तर पर प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया गया है। आयोग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित प्रमुख कार्य पूरे किए जा रहे हैं:
- मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण: 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और मृत या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाने का काम विशेष अभियान चलाकर किया जा रहा है।
- संसाधनों का आवंटन: सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को चुनाव संबंधी प्रारंभिक बजट जारी कर दिया गया है।
- कार्मिकों का प्रशिक्षण: मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से चुनाव ड्यूटी में लगने वाले सरकारी कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
Rajasthan Panchayat Elections 2026 पंचायत चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवारों (विशेषकर सरपंच पद के लिए) को कुछ अनिवार्य मानदंडों को पूरा करना होगा। हालांकि योग्यता संबंधी नियमों में समय-समय पर संशोधन होते रहते हैं, लेकिन सामान्यतः उम्मीदवार के पास निम्नलिखित दस्तावेज और पात्रता होनी जरूरी है:
- उम्मीदवार भारत का नागरिक हो और उसका नाम संबंधित ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट में दर्ज होना चाहिए।
- आयु सीमा न्यूनतम 21 वर्ष होनी आवश्यक है।
- पहचान और निवास प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, मूल निवास प्रमाण पत्र)।
- आरक्षित सीटों के लिए वैध जाति प्रमाण पत्र।
- पुलिस वेरिफिकेशन (साफ-सुथरी छवि का प्रमाण) और घर में कार्यात्मक शौचालय होने का स्व-घोषणा पत्र।
जैसे ही आयोग द्वारा तारीखों की अंतिम घोषणा की जाएगी, ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो जाएगी। गांव की सरकार चुनने का यह महापर्व राजस्थान की ग्रामीण राजनीति की दशा और दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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